हिन्दी के आदिकालीन रास और रासक काव्य - रूप
त्रिलोकीनाथ ‘प्रेमी’
हिन्दी के आदिकालीन रास और रासक काव्य - रूप Hindī ke ādikālīn rās aur rāsak kāvya - rūpa - दिल्ली शिखर प्रकाशन भारत 1993 - 279पृ0 cm.
107998
Textual
हिन्दी साहित्य
O152,1:gI, N3
हिन्दी के आदिकालीन रास और रासक काव्य - रूप Hindī ke ādikālīn rās aur rāsak kāvya - rūpa - दिल्ली शिखर प्रकाशन भारत 1993 - 279पृ0 cm.
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Textual
हिन्दी साहित्य
O152,1:gI, N3
