कल चौदहवीं की रात थी इब्ने इंशा की नज़्में - ग़ज़ले
शह्रयार, संपा.
कल चौदहवीं की रात थी इब्ने इंशा की नज़्में - ग़ज़ले Kal chaudahavīan kī rāt thī: ibne ianshā kī naja़mean - ग़ज़le - नई दिल्ली वाणी प्रकाशन भारत 2010 - 134पृ0 cm.
9789350001551 (hbk) 225
112496
371, 17/02/2011, Vani Prakashan Textual
उर्दू साहित्य
O168,1N27x, 152Q0
कल चौदहवीं की रात थी इब्ने इंशा की नज़्में - ग़ज़ले Kal chaudahavīan kī rāt thī: ibne ianshā kī naja़mean - ग़ज़le - नई दिल्ली वाणी प्रकाशन भारत 2010 - 134पृ0 cm.
9789350001551 (hbk) 225
112496
371, 17/02/2011, Vani Prakashan Textual
उर्दू साहित्य
O168,1N27x, 152Q0
