पौर्वात्य व पाश्चात्य सौंदर्यशास्त्रीय परम्परा का संस्कृत वाङ्मयमें विनियोग

विश्वकर्मा, उत्पल

पौर्वात्य व पाश्चात्य सौंदर्यशास्त्रीय परम्परा का संस्कृत वाङ्मयमें विनियोग - वाराणासी, भारत: कला प्रकाशन, 2025. - 177पृ.

9789387200531 (hbk)

TB


पाश्चात्य साहित्य
पाश्चात्य काव्य
Copyright @ Delhi University Library System