रीति का लोक काव्य पर संस्कृत काव्य का प्रभाव केवल श्रृंगारिक सन्दर्भ मे

मदुर

रीति का लोक काव्य पर संस्कृत काव्य का प्रभाव केवल श्रृंगारिक सन्दर्भ मे Rīti kā lok kāvya par sanskṛut kāvya kā prabhāva: keval shrṛuangārik sandarbha me - कानपुर साहित्य संस्थान 1976 - 327 पृ. cm.

154,583

Textual


हिन्दी साहित्य

O152,1M5:g, L6
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