हिन्दी कथा साहित्य और उसके विकास पर पाठकों की रूचि का प्रभाव
गोपाल राय
हिन्दी कथा साहित्य और उसके विकास पर पाठकों की रूचि का प्रभाव Hindī kathā sāhitya aur usake vikās par pāṭhakoan kī rūchi kā prabhāva - पटना ग्रन्थ निकेतन 1965 - 462पृ. cm.
253,660
Textual
हिन्दी साहित्य
O152,3:gN5, K5
हिन्दी कथा साहित्य और उसके विकास पर पाठकों की रूचि का प्रभाव Hindī kathā sāhitya aur usake vikās par pāṭhakoan kī rūchi kā prabhāva - पटना ग्रन्थ निकेतन 1965 - 462पृ. cm.
253,660
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हिन्दी साहित्य
O152,3:gN5, K5
