Teaching literature in grades ten through twelve
By: Contributor(s): Material type:
TextLanguage: English Publication details: London, UK Indiana University Press 1968Description: x,371pISBN: - 81-900369-4-7
- 807, JEN
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रीतिकालीन रीतिकवियों का काव्य शिल्प
by महेन्द्र कुमार -
8702
हिंदी में नीति काव्य का विकास
by शास्त्री, रामस्वरूप -
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हिन्दी उपन्यास कला
by शुक्ल, राम लखन -
8704
हिन्दी उपन्यास
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by गुप्त, शान्तिस्वरूप -
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हिन्दी उपन्यास
by गुप्त, शान्तिस्वरूप -
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by अग्रवाल, शील कुमारी -
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रीति काव्य की भूमिका
by नगेन्द्र -
8714
रीति काव्य की भूमिका
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8715
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8716
मध्यकालीन हिन्दी-काव्य में भारतीय संस्कृति पन्द्रहवीं तथा सोलवीं शतियों के हिन्दी-काव्य में प्रतिबिम्बित भारतीय संस्कृति एवं समाज का अघ्ययन
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मध्ययुगीन कृष्णकाव्य में सामाजिक जीवन की अभिव्यक्ति
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भक्ति काव्य में माघुर्य भाव का स्वरूप
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भारतीय साहित्य में श्रृंगार रस
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भारतीय साहित्य में श्रृंगार रस
by गुप्त, गणपतिचन्द्र -
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8724
हिन्दी जैन भक्ति काव्य और कवि
by जैन, प्रेमसागर -
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by जैन, प्रेमसागर -
8726
शान्त रस का काव्य शास्त्रीय अध्ययन
by वर्मा, राम चन्द्र -
8727
हिन्दी कहानी
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हिन्दी उपन्यास पर पाश्चात्य प्रभाव
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by अग्रवाल, भारतभूषण -
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हिन्दी उपन्यास पर पाश्चात्य प्रभाव
by अग्रवाल, भारतभूषण -
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by अग्रवाल, भारतभूषण -
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कहानी
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by जैनेन्द्र कुमार -
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नयी कहानी की भूमिका
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श्रेष्ठ प्रेम कहानियां
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Teaching literature in grades ten through twelve
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Jenkinson Edward B Ed, Daghlian Philip B Ed, . (1968). Teaching literature in grades ten through twelve. London, UK: Indiana University Press.
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Jenkinson Edward B Ed, Daghlian Philip B Ed, . 1968. Teaching literature in grades ten through twelve. London, UK: Indiana University Press.
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Jenkinson Edward B Ed, Daghlian Philip B Ed, . (1968). Teaching literature in grades ten through twelve. London, UK: Indiana University Press.
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Jenkinson Edward B Ed, Daghlian Philip B Ed, . Teaching literature in grades ten through twelve. London, UK: Indiana University Press. 1968.
