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Rural development Institutions and strategies
By: Material type:
TextLanguage: English Publication details: Jaipur Rawat Pub 1985Description: 190p cmSubject(s): DDC classification: - Y31:7:7, M5
Textual
| Cover image | Item type | Current library | Home library | Collection | Shelving location | Call number | Materials specified | Vol info | URL | Copy number | Status | Notes | Date due | Barcode | Item holds | Item hold queue priority | Course reserves | |
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Arts Library | Arts Library | Y31:7:7 M5 (Browse shelf(Opens below)) | Available | AL0900461 |
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201
साधना जो सुपिनो
by मदारंगाणी, गुली -
202
इस नवात्र में
by ज्ञानरंजन, संपा. -
203
नयी कविता
by विश्वम्भर 'मानव' -
204
नीला चांद
by शिवप्रसाद सिंह -
205
हिन्दी कहानियों में द्वन्द्व
by मेहरोत्रा, सुमन -
206
हिन्दी कहानियों में द्वन्द्व
by मेहरोत्रा, सुमन -
207
कुंवर नारायण और उनका साहित्य
by मेहरोत्रा, अनिल -
208
सूर - पूर्व ब्रजभाषा और उसका साहित्य
by शिवप्रसाद सिंह -
209
आचार्य शुक्ल
by विवेकीराय, संपा. -
210
शिकार के शब्द
by तुर्गेनेव, इवान -
211
एक संपूर्णता के लिए
by चतुर्वेदी, पंकज -
212
विषामृत
by इन्द्रपाल सिंह -
213
कवियों की कहानियाँ
by मृत्युंजय सिंह -
214
कुहरे में युद्ध
by शिवप्रसाद सिंह -
215
सुबह के अमलतास
by सत्यार्थी, रमेश -
216
मारिशस की कहानियां
by राजेन्द्र अरुण -
217
ठंडा आदमी
by माहेश्वरी, शंकर -
218
आकाश कुसुम
by आशापूर्णा देवी -
219
पंछी उड़ा आकाश
by आशापूर्णा, देवी -
220
मुखर रात्रि
by आशापूर्णा, देवी -
221
मुखर रात्रि
by आशापूर्णा, देवी -
222
अभी तो उस दिन
by आशापूर्णा, देवी -
223
जब प्रकाश ही न हो
by आशापूर्णा, देवी -
224
शोकचक्र्र
by रंगाचार्य, आद्य -
225
भारतीय रंगमंच, अनु शुभा वर्मा
by रंगाचार्य, आद्य -
226
शब्दार्थी का गवाक्ष
by वीरेन्द्र सिंह -
227
आधुनिक परिवेश और अस्तित्ववाद
by शिवप्रसाद सिंह -
228
गल्प समुच्चय
by प्रेमचन्द, संपा. -
229
गल्प समुच्चय
by प्रेमचन्द, संपा. -
230
छायावाद और उसके कवि
by इन्द्रराज सिंह -
231
मुक्ति बोध
by वीरेन्द्र सिंह -
232
बिम्बों में झांकता कवि
by वीरेन्द्र सिंह -
233
शिलखण्ड
by मल्होत्रा, रशिम -
234
दिल्ली दूर हैं
by शिवप्रसाद सिंह -
235
त्रिवेणी
by कृष्णानंद, संपा. -
236
त्रिवेणी
by कृष्णानंद, संपा. -
237
इस नवान्न मे
by ज्ञानरंजन, संपा. -
238
खड़ी बोली के गौरव ग्रंथ
by विश्वम्भर मानव -
239
खड़ी बोली के गौरव ग्रंथ
by विश्वम्भर मानव -
240
आधुनिक परिवेश और अस्तित्ववाद
by शिवप्रसाद सिंह -
241
आधुनिक परिवेश और अस्तित्ववाद
by शिवप्रसाद सिंह -
242
आधुनिक परिवेश और अस्तित्ववाद
by शिवप्रसाद सिंह -
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आधुनिक परिवेश और अस्तित्ववाद
by शिवप्रसाद सिंह -
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आधुनिक परिवेश और अस्तित्ववाद
by शिवप्रसाद सिंह -
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आधुनिक परिवेश और अस्तित्ववाद
by शिवप्रसाद सिंह -
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आधुनिक परिवेश और अस्तित्ववाद
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आधुनिक परिवेश और अस्तित्ववाद
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आधुनिक परिवेश और अस्तित्ववाद
by शिवप्रसाद सिंह -
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आधुनिक परिवेश और अस्तित्ववाद
by शिवप्रसाद सिंह
Rural development
APA
Jain S C, . (1985). Rural development. Jaipur: Rawat Pub.
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