चक्रवर्ती, उमा

जाति समाज में पितृसत्ता नारीवादी नजरिए से Jāti samāj mean pitṛusattā: nārīvādī najarie se - दिल्ली ग्रंथ शिल्पी भारत 2011 - 165पृ0 cm.

9788179171592 (hbk)

26451

Gift, 05/05/2016, Textual


भारतीय-लोक साहित्य

Y15.2, 152Q1