अनुपमलता, (और अन्य)

संगतिन - यात्रा सात ज़िन्दगियों में लिपटा नारी - विमर्श Sangatin - yātrā: sāt ज़indagiyoan mean lipaṭā nārī - vimarsha - नई दिल्ली राजकमल प्रकाशन भारत 2012 - 143पृ0 cm.

9788126723393 (hbk) 250

16015

BR6148, 23/12/2014, Rajkamal Prakashan Pvt. Ltd. Textual


भारतीय-लोक साहित्य

Y15:4.2, 152Q2