गुरूदत्त, ले. परित्राणाय साधूनाम्: अवतरण सम्भवामि युगे युगे विनाशाय च दुष्टताम् गुरूदत्त, ले. - नई दिल्ली, भारत हिन्दी साहित्य सदन 1988 - 844पृ0 Source: TB Subjects--Topical Terms: Hindi Fiction