विश्वकर्मा, उत्पल पौर्वात्य व पाश्चात्य सौंदर्यशास्त्रीय परम्परा का संस्कृत वाङ्मयमें विनियोग - कला प्रकाशन 2025 ISBN: 978-93-87200-53-1