जैन, प्रेमचन्द्र
रहस्यवादी जैन अपभ्रंश काव्य का हिन्दी पर प्रभाव
Rahasyavādī jain apabhransha kāvya kā hindī par prabhāva
- नई दिल्ली वाणी प्रकाशन 1991
- 135पृ. cm.
8170552346 (hbk) 110
242,235
478, 26/02/2010, Vani Prakashan Textual
हिन्दी साहित्य
O152,1:g(/\3), N1