धर्मवीर

तीन द्विज हिन्दू स्त्रीलिंगों का चिन्तन Tīn dvij hindū strīliangoan kā chintana - नयी दिल्ली वाणी प्रकाशन 2007 - 166पृ. cm. - मातृसत्ता, पितृसत्ता और जारसत्ता .

8181436679 (hbk) 200

235,601

484, 21/03/2008, Vani Prakashan Textual

Y2, 152P7-.2