कार्ल मार्क्स; नरेश 'नदीम', संपा.

दर्शन की निर्धनता श्री प्रूदों की रचना 'निर्धनता का दर्शन' का उत्तर Darshan kī nirdhanatā: shrī prūdoan kī rachanā 'nirdhanatā kā darshana' kā uttara - नयी दिल्ली प्रकाशन संस्थान 2004 - 216पृ. cm. - लोकचेतना - 6 .

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Textual


मार्क्सवाद

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