| 000 | 01222nam a2200265Ia 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 003 | OSt | ||
| 005 | 20220930094648.0 | ||
| 006 | a|||||r|||| 00| 0 | ||
| 007 | ta | ||
| 008 | 220926b |||||||| |||| 00| 0 hin d | ||
| 024 | _a121453 | ||
| 037 | _cTheses | ||
| 040 |
_aCRL _cCRL _bhin |
||
| 041 |
_2hin _ahin |
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| 100 | _aनैयर, स्वदेश | ||
| 110 |
_aदिल्ली विश्वविद्यालय. कला संकाय. हिन्दी विभाग _9556071 |
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| 245 | 0 |
_aमध्यकालीन कृष्णभक्त कवियों की विरह भावना _b सम्वत् 1375 से सम्वत् 1700 तक |
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| 246 | _aMadhyakālīn kṛuṣhṇabhakta kaviyoan kī virah bhāvanā: samvat 1375 se samvat 1700 taka | ||
| 260 | _c1967 | ||
| 300 |
_a630पृ0 _ap. _ccm. |
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| 700 | _a सिन्हा, सावित्री, गा. | ||
| 700 |
_aदिल्ली विश्वविद्यालय. कला संकाय. हिन्दी विभाग _9556072 |
||
| 942 |
_cDIS _2CC |
||
| 999 |
_c887464 _d887464 |
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