| 000 | 01104nam a2200241Ia 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 003 | OSt | ||
| 005 | 20220930094653.0 | ||
| 006 | a|||||r|||| 00| 0 | ||
| 007 | ta | ||
| 008 | 220926b |||||||| |||| 00| 0 hin d | ||
| 024 | _a121470 | ||
| 037 | _cTheses | ||
| 040 |
_aCRL _cCRL _bhin |
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| 041 |
_2hin _ahin |
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| 100 | _aघोष, सुनन्दा | ||
| 110 |
_aदिल्ली विश्वविद्यालय. कला संकाय. हिन्दी विभाग _9556083 |
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| 245 | 0 |
_aहिन्दी बंगला कृष्णकाव्य में कृष्ण का स्वरूप _b 14वीं शताब्दी से 18वीं शताब्दी तक |
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| 246 | _aHindī bangalā kṛuṣhṇakāvya mean kṛuṣhṇa kā svarūpa: 14vīan shatābdī se 18vīan shatābdī taka | ||
| 260 | _c1972 | ||
| 700 |
_aदिल्ली विश्वविद्यालय. कला संकाय. हिन्दी विभाग _9556084 |
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| 942 |
_cDIS _2CC |
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| 999 |
_c887479 _d887479 |
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